पाकिस्तान चीन सांठगांठ

पाकिस्तान-चीन सैन्य सांठगांठ गंभीर चिंता का विषय - इसलिए सामरिक चिंतकों तथा नीति विश्लेषकों को उच्चस्तरीय शोध करने की जरूरत है। हमें सूचना तथा दुष्प्रचार अभियान से टक्कर लेने के लिए विविध विषयों पर उच्च स्तरीय शोध एवं अध्ययन की आवश्यकता है और इस मोर्चे पर इस संगठन की भूमिका सराहनीय है।

रक्षा मंत्री श्री ए. के. एंटनी ने कहा है कि चीन और पाकिस्तान के बीच सैन्य क्षेत्र में सांठगांठ गंभीर चिंता का विषय है। रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान के आज 44वें स्थापना दिवस समारोह में अपने अध्यक्षीय भाषण में श्री एंटनी ने कहा कि हमें चीन की सैन्य क्षमता से लगातार अवगत रहना होगा।

रक्षा मंत्री श्री ए. के. एंटनी ने उम्मीद जतायी कि चीन भारत के विश्वास बहाली पहल का समुचित जवाब देगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अब तक आतंकवादियों तथा अंतर्राष्ट्रीय अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने की इच्छा का प्रदर्शन बाकी है।

रक्षा मंत्री श्री ए. के. एंटनी ने कहा कि हम अपने क्षेत्र में लंबित मुद्दों के समाधान के लिए लगातार इमानदार प्रयास कर रहे हैं। हम अपने पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण संबंध के लिए प्रयासरत रहे हैं। पाकिस्तान के साथ वार्ता बहाली की प्रधानमंत्री की इच्छा को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। पाकिस्तान में आतंकी ढांचा न केवल बना हुआ है बल्कि फलफूल भी रहा है।

पाकिस्तान को अपनी धरती पर चलने वाली आतंकवादी गतिविधियां खत्म करनी चाहिए। इस संबंध में उसे अपनी इच्छाशक्ति को प्रदर्शित करना है। रक्षा मंत्री श्री ए. के. एंटनी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि चीन भारत द्वारा विश्वास बहाली और आपसी समझ के लिए उठाये गये कदमों का जवाब देगा। लेकिन चीन और पाकिस्तान के बीच सैन्य क्षेत्र में सांठगांठ गंभीर चिंता का विषय है। हमें चीन की सैन्य क्षमता से हमेशा अवगत रहना होगा तथा तदनुसार अपनी तैयारी करनी होगी। इसलिए हमें हमेशा सतर्क रहना होगा।

रक्षा मंत्री श्री ए. के. एंटनी ने कहा कि हमने नयी और विविध चुनौतियों से निबटने के लिए अपने सशस्त्र बलों की क्षमता को बढाने के कई कदम उठाए हैं। फिर भी, हम क्षेत्रीय एवं विश्वशांति के प्रति कृतसंकल्प हैं।


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