नक्सल हिंसा में अनाथ हुए बच्चों से मिलने प्रदेश सरकार के पुलिस महानिदेशक श्री विश्वरंजन आज दक्षिण बस्तर जिले के मुख्यालय दंतेवाड़ा में संचालित आस्था गुरूकुल आवासीय विद्यालय पहुंचे । वहां उन्होंने बच्चों से रू-ब-रू होकर उनका हाल-चाल जाना और उन्हें गरम कपड़े वितरित किए और उन्होंने बच्चों का हौसला भी बढ़ाया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इन बच्चों के चेहरों से खुशियां छीनी है और जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं उन्हें यहां से जाना ही होगा। इस मौके पर बच्चों ने ''होगी शांति चारों ओर एक दिन... तथा इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो न...गीत प्रस्तुत किया।
बच्चों ने श्री विश्वरंजन को बताया कि वे प्रतिदिन सुबह उठकर योग और व्यायाम करते हैं। तद्पश्चात सुबह की प्रार्थना एवं अध्ययन कार्य प्रारंभ करते हैं। बच्चों ने बताया कि स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ अतिरिक्त समय में कम्प्यूटर और हस्तशिल्प आदि का भी विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस महानिदेशक को अपने हाथों से निर्मित खिलौना टेडी बीयर और अन्य वस्तुएं भी दिखाया।
बच्चों की कापियों में उनकी सुंदर लिखावट देखकर श्री विश्वरंजन ने प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने बच्चों से भविष्य में क्या बनना चाहते हो के बारे में पूछा जिस पर बच्चों ने उच्च प्रशासनिक अधिकारी सहित इंजीनियर, डॉक्टर एवं पुलिस में भर्ती होकर देश की सेवा करने की बात कही। सभी बच्चों को उन्होंने एक-एक ट्रेक सूट एवं उनके खेलने के लिए टेबल-टेनिस कीट भी प्रदान करने को कहा।
ज्ञातव्य है कि राज्य शासन द्वारा दंतेवाड़ा एवं बीजापुर जिले के नक्सल हिंसा में अनाथ बच्चों के लिए दंतेवाड़ा में आस्था गुरूकुल आवासीय विद्यालय का संचालन किया जा रहा है जिसमें 98 बालक एवं 69 बालिकाएं सहित कुल 167 बच्चे अध्ययनरत हैं।