क्षमता निर्माण कार्यक्रम

पीपीपीएस में शामिल सरकारी अधिकारियों के लिए सरकार का क्षमता निर्माण कार्यक्रम

भारत सरकार के आर्थिक मामले विभाग जर्मन सरकार के विकास बैंक के एफडब्ल्यू के साथ मिलकर राष्ट्रीय सार्वजनिक निजी साझेदारी कौशल निर्माण कार्यक्रम विकसित कर रहा है जो राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान तथा केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से लागू किया जाएगा। के एफ डब्ल्यू और भारत पीपीपी क्षमता कौशल न्यास (आई कैप) ने इस आशय के समझौते पर 23 नवंबर, 2009 को हस्ताक्षर किए थे।

वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के संयुक्त सचिव श्री गोविंद मोहन की उपस्थिति में इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए। जर्मन सरकार इस कायक्रम में सहयोग के लिए केएफडब्लयू के माध्यम से लगभग पांच करोड़ रुपये का अनुदान देगी।

दरअसल नगरीय अवसंरचना के उन्नयन में भारी मात्रा में निवेश के मद्देनजर भारत सरकार निजी सार्वजनिक भागीदारी पीपीपी को अवसंरचना विकास की राष्ट्रीय नीति के प्रमुख अवयव के रूप में इस्तेमाल करती है। पीपीपी की राह में सबसे बड़ी अड़चन है कि सरकार के विभिन्न स्तरों के अधिकारियों में पीपीपी परियोजना को उचित ढंग से तैयार करने, विकसित करने, लागू करने आदि की समझ की कमी है।

यह कार्यक्रम इसी अड़चन को दूर करेगा। यह कार्यक्रम पीपीपी के इस्तेमाल के संबंध में विभिन्न स्तरों के करीब 4 हजार कर्मचारियों के ज्ञान एवं कौशल में वृध्दि करेगा। कार्यक्रम के दो चरण है। पहला चरण 22 महीने का तथा दूसरा करीब 15 महीने का है। कार्यक्रम 2012 तक पूरा हो जाएगा।


चिट्ठाजगत