कोको चैनल इगोर स्त्राविंस्की

फिल्म की कहानी शुरू होती है 1913 के पेरिस से । कोको चैनल पूरी तरह अपने कार्य के प्रति समर्पित है और साथ ही वह अत्यंत धनाडय और खूबसूरत आर्थर ब्वाय केपल पर भी मोहित है । दूसरी ओर इगोर स्त्राविंस्की वहां के एक मशहूर थियेटर पर अपनी कृति राइट ऑफ स्प्रिंग का प्रीमियर शो आयोजित करता है ।

सात साल बाद कोको चैनल जीवन में सफलता और सम्मान दोनों पाकर समाज में बहुत ऊपर पहुंच चुकी होती है मगर ब्वाय केपल के निधन के कारण वह व्यक्तिगत रूप से पूरी तरह टूट चुकी होती है । ऐसे में उसका मिलन एक बार फिर स्त्राविंस्की से होता है, जो तब तक बेहद गरीबी की हालत में पेरिस में निर्वासित जीवन जी रहा होता है । और फिर शुरू होती है दोनों के बीच आकर्षण और नजदीकियों की शुरूआत ।

कोको चैनल भी इस शो को देख्ने जाती है और वह स्त्राविंस्की की कृति पर पूरी तरह फिदा हो जाती है । किन्तु आम दर्शक स्त्राविंस्की के क्रांतिकारी विचारों को स्वीकार नहीं कर पाते और गुस्से में आ कर राइट ऑफ स्प्रिंग के खिलाफ हूटिंग शुरू कर देते हैं । थियेटर में दंगा-सा मंच जाता है । स्त्राविंस्की के लिए यह अवर्णनीय क्षति है ।

विश्व सिनेमा - फ्रांस
लंबाई - 120 मिनट 35 मिमि रंगीन 2009

निर्देशन - यान कौउने
पटकथा - क्रिस ग्रीनहॉल
सम्पादक - एनी डेन्शे
संगीत - गेब्रियल यारेद
फिल्मॉकन - डेविड ऊंगारो


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